एसआई भर्ती-2021 : चयनित अभ्यर्थियों ने न्याय की मांग को लेकर किया शहीद स्मारक पर सत्याग्रह

 डी. के. सैनी
जयपुर (नवयत्न) । राजस्थान एसआई भर्ती-2021 को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। भर्ती निरस्त होने और दोबारा परीक्षा कराने के फैसले के विरोध में शुक्रवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर चयनित प्रशिक्षु उप निरीक्षकों और उनके परिजनों ने सत्याग्रह व धरना प्रदर्शन किय। प्रदर्शन में 750 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया और सरकार से निर्दोष अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
इस धरने के दौरान धरियावद से भारतीय आदिवासी पार्टी के विधायक थावरचंद डामोर भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान चयनित महिला एसआई संतोष कुमारी खराड़ी ने अपनी वर्दी विधायक को सौंपते हुए कहा कि सरकार इस वर्दी की लाज रखे और ईमानदारी से चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य सुरक्षित करे।
दोषियों को सजा मिले, निर्दोषों को नहीं
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में यदि पेपर लीक या डमी अभ्यर्थियों के जरिए गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लेकिन मेहनत से चयनित अभ्यर्थियों को सजा देना गलत है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जांच में दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग-अलग किया जाए।
यह है पूरा मामला
वर्ष 2021 में आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा पास कराने के मामलों का एसओजी ने खुलासा किया था। इसके बाद कई चयनित एसआई सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने भर्ती को निरस्त कर दिया, जिसे बाद में डबल बेंच ने भी बरकरार रखा। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को यथावत रखा।
अब राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने भर्ती परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया है, जिसका चयनित अभ्यर्थी विरोध कर रहे हैं।
क्या सरकार पांच साल लौटाएगी
चयनित महिला एसआई संतोष कुमारी खराड़ी ने कहा कि सरकार जल्द सुप्रीम कोर्ट में जाए और मेहनत से चयनित युवाओं को न्याय दिलाए। उन्होंने कहा कि बार-बार परीक्षा देना समाधान नहीं है। अभ्यर्थी पहले भर्ती परीक्षा पास कर चुके हैं और बाद में एसओजी की जांच प्रक्रिया से भी गुजर चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार दोबारा परीक्षा कराकर युवाओं के खराब हुए पांच साल लौटा पाएगी।
सेना से सेवा छोड़कर आए
धरने में शामिल चयनित एसआई भगीरथ सिंह ने कहा कि वे पहले सेना और एनएसजी में सेवाएं दे चुके हैं। इसके बाद पटवारी और वीडीओ पद पर चयनित हुए तथा डेढ़ साल तक पटवारी के रूप में कार्य किया। बाद में एसआई पद ज्वाइन किया। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन निर्दोषों को नहीं। उन्होंने बताया कि करीब 368 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने दूसरी सरकारी नौकरियां छोड़कर एसआई पद ज्वाइन किया था। सरकार को उनके हित में सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।
नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट को तैयार
धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि वे सामूहिक रूप से नार्को एनालिसिस और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि इन जांचों के आधार पर दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए और निर्दोषों को सेवा में बनाए रखा जाए।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि दोषी पाए गए अभ्यर्थियों को हटाकर उनके स्थान पर वेटिंग लिस्ट जारी की जाए।
यह सिर्फ नौकरी नहीं, भविष्य की लड़ाई
धरने में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल नौकरी बचाने का नहीं, बल्कि मेहनत, न्याय और राजस्थान के युवाओं के भविष्य की लड़ाई है।
एसआई भर्ती-2021 विवाद अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। चयनित अभ्यर्थी सरकार से न्याय और राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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