भारतीय किसान संघ ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर की खेतों में विशेष सर्वे व जांच कराने की मांग
सुभष वर्मा
तारानगर (नवयत्न) । तहसील क्षेत्र के गांवों में इस बार मूंगफली के बीज ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। महंगे दामों पर खरीदे गए बीज खेतों में अंकुरित ही नहीं हुए, और जहां थोड़ा-बहुत उगाव हुआ, वहां भी पौधे उगते ही नष्ट हो गए। इस गंभीर समस्या को लेकर बुधवार को भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष महावीर गूगड़ के नेतृत्व में समस्त तहसील कार्यकर्ताओं और पीड़ित किसानों ने जिला कलेक्टर के नाम तारानगर उपखंड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा।
एसडीम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए तहसील अध्यक्ष महावीर गूगड़ ने कहा कि खरीफ सीजन की शुरुआत में ग्राम किल्लीपुरा और भामरा के किसानों ने बाजार व सहकारी समितियों से भारी भरकम दाम चुकाकर मूंगफली का बीज खरीदा था। बुवाई के कई दिन बीत जाने के बाद भी खेतों में अंकुरण नहीं के बराबर हुआ है। किसानों की बीज राशि, ट्रैक्टर की बुवाई और मेहनत पूरी तरह मिट्टी में मिल चुकी है। उन्होंने आशंका जताई कि बाजार में घटिया और नकली बीज की आपूर्ति की गई है, जिसकी वजह से अन्नदाता को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि खेतों में दोहरा संकट खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां बीज उगा ही नहीं, वहीं दूसरी तरफ जिन खेतों में थोड़ा उगाव दिखा, वहां भी पौधे अचानक झुलसकर मर गए। यह किसी गंभीर फंगस या दूषित बीज की ओर इशारा करता है। किसानों के पास अब दोबारा बुवाई के लिए न तो समय बचा है और न ही पैसा।
भारतीय किसान संघ ने प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखते हुए 48 घंटे की समय-सीमा तय की है। संघ ने मांग की है कि:
कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों की टीम बनाकर आगामी 48 घंटों के भीतर ग्राम किल्लीपुरा और भामरा के खेतों का विशेष सर्वे व मौका-मुआयना करवाया जाए।
नकली और घटिया बीज बेचने वाली कंपनियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो तथा उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाए।
पीड़ित किसानों को तुरंत उचित सरकारी मुआवजा या बीमा क्लेम दिलाया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष महावीर गूगड़, मांगीलाल गहलोत,
लिलाधर नैन ण, दीपगर गोस्वामी, महावीर गोस्वामी, जगदीश पूनिया, संजय सांगवान, महेंद्र कस्वा, मनीराम नायक सहित संगठन के समस्त तहसील कार्यकर्ता, पदाधिकारी और ग्राम किल्लीपुरा व भामरा के दर्जनों पीड़ित किसान मौजूद रहे। संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे में प्रशासन ने संतोषजनक कार्रवाई नहीं की, तो क्षेत्र के किसान उग्र आंदोलन और धरने के लिए मजबूर होंगे।