52 वर्षों से अनवरत प्रवाहित अखण्ड षोडश नाम संकीर्तन 53वें वर्ष में प्रवेश
नवरतन वर्मा
रतनगढ़ ( नवयत्न) । रतनगढ़ के सिद्धपीठ श्री तालवाले बालाजी श्यामजी मंदिर में पिछले 52 वर्षों से निरंतर प्रवाहित विश्व के अद्वितीय अखण्ड षोडश नाम संकीर्तन ने आध्यात्मिक जगत में एक अनूठी पहचान बनाई है। 25 मई 1974 से प्रारंभ हुआ यह अखण्ड संकीर्तन अब अपने 53वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। बालाजी मंदिर पुजारी निलेश इन्दौरिया ने बताया कि इस पावन अवसर पर 25 मई 2026, सोमवार को सायं 5 बजे से मंदिर परिसर में विशाल सामूहिक संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। संकीर्तन ट्रस्ट के रघुनन्दन धर्ड़ ने बताया कि यह दिव्य संकीर्तन परम पूज्य श्री श्री 1008 महात्यागी बाबा श्री रामचन्द्रदासजी महाराज द्वारा स्थापित किया गया था, जो आज भी बिना किसी विराम के 24 घंटे निरंतर जारी है। संकीर्तन में लगातार — “हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे ।हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे ॥”
महामंत्र का जाप किया जा रहा है। श्याम मंदिर पुजारी अजय इन्दौरिया के अनुसार इस अखण्ड संकीर्तन की सबसे बड़ी विशेषता “न कोई आरम्भ, न कोई विराम” की परंपरा है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु इस नाम जाप से जुड़कर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करते हैं।