दो दिवसीय शनि महोत्सव का हुआ समापन
निसं
खेतड़ी (नवयत्न) । खेतड़ी कस्बे के भव्य शनि देव मंदिर में दो दिवसीय शनि महोत्सव का रविवार को समापन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योत की पुजा कर खुशहाली की कामना की। पुजारी स्याहू भार्गव के सानिध्य में भगवान शनि देव की प्रतिमा का विशेष पुष्पो से श्रृंगार हुआ तथा अखण्ड ज्योत प्रज्वलन कर मेले का शुभारंभ हुआ। पुजारी स्याहू भार्गव ने बताया कि कस्बे का शनि मंदिर रियासत कालीन के समय में बना था। उस समय से लेकर आज तक लगातार शनिदेव की पूजा अर्चना कर राजाओं के समय से चली आ रही परंपरा का कस्बेवासी निर्वहन करते आ रहे हैं। शनि जयंती महोत्सव पर मंदिर में महाआरती, प्रसाद व मेले का आयोजन किया जाता आ रहा है। शनि जयंती पर मंदिर में शनिदेव के नो भाई बहनों की पूजा अर्चना की जाती है। कस्बे में अनेक बड़े-बड़े मंदिरों का निर्माण करवाया, जिसमें शनिदेव का मंदिर भी सम्मिलित है। मंदिर में शनि जयंती पर महाआरती कर प्रसाद वितरण किया जाता है। उन्होंने बताया कि न्याय के देवता हमेशा ही भक्तों के हितकारी रहे हैं। कई वर्षों बाद शनि देव की पूजा का विशेष संयोग बना है। इसमें यदि शनि देव के चरणों में सरसों का तेल चढ़ाया जाए, पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाया जाए तो शनि देव प्रसन्न होकर भक्तों की पीड़ा हर लेते हैं। मंदिर कमेटी की ओर परिसर में मेले का आयोजन किया इस दौरान मेले में लगी दुकानों पर महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीदारी का लुफ्त उठाया। शनि जयंती महोत्सव पर खेतड़ी कस्बे के अलावा लूणा की ढाणी, पपुरना, संजयनगर, निजामपुर मोड, कोलिहान, राजोता, बीलवा, बागोर सहित आसपास के गांव के लोगों ने भी मंदिर में पहुंचकर शनि देव महाराज के सामने माथा टेक मनौती मांगी। इस मौके पर सुरेश कुमार कानोड़िया, रूलीचंद भार्गव, रामावतार सैनी भगत, जिवण भगत, छगनलाल भगत, सुरेश साह, राजेश कपिल कुमार, विजेश वर्मा, मुकेश कुमार सहित सैकडो भक्त मौजूद रहे।