न्यायालय के आदेश के आधार पर पीड़िता को दिलाया गया पीड़ित प्रतिकर
नवरतन वर्मा
रतनगढ़ (नवयत्न) । रतनगढ़ में पीठासीन अधिकारी सुरेंद्र कौशिक द्वारा सत्र प्रकरण संख्या 23/2021 में पीड़िता के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी विनोद कुमार निवासी गोलसर को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया था। साथ ही न्यायालय द्वारा पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर दिलाए जाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चूरू को अनुशंसा प्रेषित की गई।
इस प्रकरण में पीड़िता की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक डॉ. जयाकांत बीवाल द्वारा की गई। तालुका विधिक सेवा समिति, सचिव लक्ष्मी सैनी ने बताया कि न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के आधार पर यह पाया गया कि पीड़िता परित्यक्ता, विकलांग, मंदबुद्धि एवं मूक-बधिर है तथा अपनी माता के साथ रह रही है।
न्यायालय के आदेशानुसार की गई अनुशंसा पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चूरू द्वारा राजस्थान विक्टिम कम्पनसेशन स्कीम, 2011 के अंतर्गत अभूतपूर्व कदम उठाते हुए पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत ₹6,00,000 (छः लाख रुपये) की स्वीकृति प्रदान की गई। उक्त राशि में से ₹4,50,000 (साढ़े चार लाख रुपये) की राशि पाँच वर्ष की अवधि हेतु एफडीआर के रूप में तथा शेष ₹1,50,000 (डेढ़ लाख रुपये) की राशि पीड़िता के बचत बैंक खाते में जमा कराए जाने के निर्देश प्रदान किए गए। साथ ही आमजन को यह संदेश दिया गया कि अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को राजस्थान विक्टिम कम्पनसेशन स्कीम, 2011 के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है, जिससे पात्र व्यक्तियों को राहत एवं संबल प्राप्त हो सके। पीड़ितों को इस प्रकार प्रतिकर प्रदान किए जाने से समाज में नई जागरूकता उत्पन्न हुई है तथा पीड़ित सहायता एवं पुनर्वास के क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित हुआ है।