श्री गोपाल गौपुष्टि महायज्ञ में 42 लाख 21 हजार आहुतियां 

महेंद्र खडोलिया 

श्रीमाधोपुर (नवयत्न)। ब्रह्मलीन परम संत ध्यान जी महाराज और कालीदास महाराज की तपोस्थली रहा अरावली पर्वत -श्रृंखला एवं प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आस्था और भक्ति का 800 वर्ष पुराना कालाकोटा का दाऊधाम 19 मार्च से धार्मिक चर्चाओं में बना हुआ है जहां परमपूज्य अनंत विभूषित श्रीमद् जगतगुरु बाहुबल द्वाराचार्य पीठाधीश्वर बलदेवाचार्य महाराज के सान्निध्य में 9 दिवसीय 108 कुण्डात्मक श्री गोपाल गौपुष्टि महायज्ञ चल रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि “जंगल में मंगल” हो रहा है। क्या दिन, क्या रात, चौबीसों घंटे स्थान मुंह बोलता सा प्रतीत होता है।

भीड़-भाड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी महाराज के दर्शन कर धोक लगाई एवं यज्ञ भगवान की परिक्रमा कर घर-परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। महायज्ञ के आखिरी दिनों में श्रद्धा और भक्ति का सैलाब उमड़ने लगा है। महायज्ञ के मुख्य यजमान सांवताराम भगत, गिरधरदास महाराज, पाटन दरबार के दिग्विजय सिंह आदि ने आहुतियां देकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। महायज्ञ में यज्ञाचार्य पण्डित चिरंजीवी शास्त्री के आचार्यत्व में यज्ञ ब्रह्म पण्डित राजकुमार शास्त्री, उपाचार्य पण्डित श्रीराम शास्त्री सहित सैकड़ों विद्वान पण्डितों ने यजमानों से 42 लाख 21 हजार आहुतियां दिलवाई। महायज्ञ में 151 विद्वान पण्डितों के द्वारा यज्ञ में आहुतियां दिलवाई जा रही हैं और 108 विद्वान पण्डितों के द्वारा श्री गोपाल सहस्रनाम के विधिवत पाठ किए जा रहे हैं।

 

श्री गोपाल सहस्रनाम के पाठ करने से यज्ञ सफल होते हैं। यह पाठ धर्माचार्य पण्डित जयप्रकाश चंद‌ शर्मा व पण्डित विष्णु कुमार शर्मा की देखरेख में किए जा रहे हैं। श्रीमद्भागवत कथा वाचक भोलाशंकर दास महाराज ने वरुण लोक में कृष्ण भगवान की की गई स्तुति का वर्णन किया। भगवान कृष्ण जब मुरली बजाते थे तो मुरली की दिव्य धुन सुनकर भगवान शिव, भगवान विष्णु प्रसन्नचित -प्रफ्फुलित हो जाते थे और पूरा वृंदावन धाम झूम उठता था।

हजारों ने पाई पंगत-प्रसादी

मंदिर परिसर में चल रहे विशाल भण्डारे में रोजाना 15-20 हजार से ज्यादा की संख्या में श्रद्धालु पंगत-प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। जहां पंगत-प्रसादी में खीर- जलेबी, पूरी सब्जी की प्रसादी खिलाई गई। गौमाता की रक्षा के लिए , घर-परिवार की सुख- समृद्धि और खुशहाली के लिए भी नौ दिनों तक आहुतियां देंगे।

 

10 भट्टियों पर बन रही भण्डारे की प्रसादी

हलवाई नरेश कुमार सैन ने बताया कि कालाकोटा के दाऊधाम में रोज 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं की प्रसादी बनाई जा रही है। रोजाना अलग-अलग प्रकार की रसोई बनाई जा रहीं हैं। लड्डू-पूरी-सब्जी से लेकर खीर-जलेबी तक की प्रसादी बदल-बदलकर तैयार की जा रही है। 15 क्विंटल सब्जी,18 क्विंटल आटा, 25 से 30 पीपा देशी घी, 25 क्विंटल चीनी, 30 पीपा तेल, 40 क्विंटल लकड़ी, एक क्विंटल ड्राइफ्रूट, फल जो 80 हलवाईयों के द्वारा तैयार करवाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की पंगत-प्रसादी के साथ -साथ संत-महात्माओं के लिए भी फलाहार तैयार किया जाता है। वृंदावन की टीम द्वारा रासलीला में कृष्ण भगवान की माखन चोरी, कृष्णलीला, राधारानी और कृष्ण के प्रथम मिलन की लीला का चित्रण किया गया। पाटन दरबार से दिग्विजय सिंह, प्रहलाद दास महाराज कुंडा धाम, कृष्णदास महाराज निमोद नरसिंह धाम, माधवदास महाराज, बिशनदास महाराज, ओंकारदास महाराज पंचमुखी दरबार सींगोंद ,किशनदास महाराज, रामस्वरूप दास महाराज जीतूडी हनुमान धाम गुजरात, गोपालदास महाराज, रामचरणदास महाराज, ज्ञानदास महाराज खेड़की सहित कई संत-महात्माओं ने महायज्ञ में अपनी-अपनी सार्थक उपस्थिति दी।

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