21 स्कूलों 44 सत्र, 18 हजार बच्चों से सीधे संवाद कर गुड टच-बैड टच का दिया संदेश

सुरेंद्र शर्मा
झुंझुनूं (नवयत्न)। जिला प्रशासन के सहयोग से चलाए जा रहे ‘जागरूक झुंझुनूं’ अभियान के तहत ‘स्पर्श’ अभियान ने जिले में बाल सुरक्षा और सुरक्षित बचपन को लेकर व्यापक जागरूकता पैदा की। अभियान से जुड़े 20 वॉलंटियर्स ने 21 विद्यालयों में 44 जागरूकता सत्र आयोजित कर करीब 18 हजार विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद किया। अभियान के दौरान बच्चों और किशोर-किशोरियों को व्यक्तिगत सुरक्षा, सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श, साइबर सुरक्षा, आत्मविश्वास, जीवन कौशल और अनुचित व्यवहार से बचाव जैसे विषयों की उम्र के अनुरूप सरल एवं संवादात्मक तरीके से जानकारी दी गई। बच्चों को संभावित जोखिमों को पहचानने, असहज परिस्थितियों में स्पष्ट रूप से अपनी बात रखने तथा जरूरत पडऩे पर किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। ‘स्पर्श’ अभियान के प्रणेता एवं झुंझुनूं के प्रभारी सचिव वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नवीन जैन ने विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने और किसी भी अनुचित व्यवहार को नजरअंदाज नहीं करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या बच्चे की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अभियान के कार्यक्रम समन्वयक प्रमेन्द्र कुल्हार ने बताया कि जागरूकता सत्रों को केवल भाषण तक सीमित नहीं रखा गया। बच्चों को सवाल-जवाब, उदाहरण और संवाद के माध्यम से वास्तविक जीवन की परिस्थितियों को समझाया गया। साइबर सुरक्षा, व्यक्तिगत सीमाओं, आत्मविश्वास और जीवन कौशल के साथ करियर मार्गदर्शन पर भी चर्चा की गई।
कलेक्टर बोले—बच्चों के लिए गुड टच-बैड टच समझना बेहद जरूरी
जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के लिए गुड टच और बैड टच को समझना उतना ही जरूरी है, जितना उनके लिए खाना, पानी और ऑक्सीजन जरूरी है। बच्चों को कम उम्र से ही अपने शरीर, व्यक्तिगत सीमाओं और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए, ताकि वे किसी भी अनुचित परिस्थिति को पहचान सकें और समय रहते उसके खिलाफ आवाज उठा सकें। उन्होंने कहा कि ‘स्पर्श अभियान’ अपने आप में एक अभिनव पहल है। बाल सुरक्षा केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘स्पर्श’ जैसे जागरूकता अभियान बच्चों में सुरक्षा-बोध, आत्मविश्वास और सजगता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

‘स्पर्श’ का उद्देश्य केवल गुड टच-बैड टच तक सीमित नहीं
अभियान के राज्य समन्वयक डॉ. सौरभ जैन के अनुसार वर्ष 2019 में शुरू हुआ ‘स्पर्श’ अभियान अब व्यापक सामाजिक जागरूकता पहल का रूप ले चुका है। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श की जानकारी देना नहीं, बल्कि उनमें सजगता, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करना है। अभियान के अनुसार अब तक देशभर के 7,278 संस्थानों में 9,400 जागरूकता सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। इनके माध्यम से 20,91,383 बच्चों, किशोर-किशोरियों, शिक्षकों और अभिभावकों तक सुरक्षा एवं जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया है।

24 अगस्त 2019 को हुई थी शुरुआत
‘स्पर्श’ अभियान की शुरुआत 24 अगस्त 2019 को बच्चों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से की गई थी। बाद में इसमें व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषय भी जोड़े गए। अभियान की एक प्रमुख पहल ‘सैटरडे फॉर सोसाइटी’ है, जिसके तहत हर शनिवार स्वयंसेवक विद्यालयों और अन्य स्थानों पर जाकर सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर संवाद करते हैं। अभियान की खासियत इसका स्वैच्छिक, पेपरलेस और ऑफिसलेस स्वरूप बताया गया है। डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, मैनेजमेंट विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स स्वयंसेवक के रूप में इससे जुड़े हैं। अभियान के लिए आर्थिक सहायता की मांग नहीं की जाती।

21 विद्यालयों तक पहुंचा अभियान
झुंझुनूं में मोदी वल्र्ड स्कूल, जेके मोदी राजकीय विद्यालय, गुरुकृपा पब्लिक स्कूल, प्रिंस इंटरनेशनल स्कूल, राजस्थान स्कूल, सेंट्रल चिल्ड्रन एकेडमी, दिल्ली पब्लिक स्कूल, सीएलसी, रविंद्र स्कूल, केशव आदर्श विद्या मंदिर, जीबी मोदी स्कूल, एजिस स्कूल, इंडियन स्कूल, पीएमश्री जानू राजकीय विद्यालय, श्री चावो दादी स्कूल, थ्रीडॉट्स स्कूल, ऑक्सफोर्ड स्कूल, लोहिया स्कूल, किशोरी स्कूल और वेदांत स्कूल में जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। अभियान में रचना शर्मा, रोहित कृष्ण नंदन, चन्द्रिका बगरेट्टा, डॉ. मुनमुन शर्मा, प्रज्ञा श्रीवास्तव, माला आरकेएन, विकास जैन, सौरभ असवाल, अनिता बड़सीवाल, मीना अरुण, आकांक्षा जैन, सुनीता रैवाड़, सुरभि जैन, सुनीता शर्मा, रोमा शर्मा, सुरेश कुमार, ए.के. शर्मा और दिनेश चोटिया सहित वॉलंटियर्स ने सहभागिता की।

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