गौ माता की सेवा के लिए बनवारी लाल मित्तल व आभा मित्तल की अनूठी पहल
प्रदीप कुमार सैनी
दांतारामगढ़ (नवयत्न) । समाज सेवा एवं गौ संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल की शुरुआत सोमवार को श्री गोपाल गौशाला दांता में हुई। दांता निवासी एवं कोलकाता प्रवासी समाजसेवी बनवारी लाल मित्तल तथा आभा मित्तल ने गौशाला में आगामी दो माह तक प्रतिदिन 150 किलोग्राम मक्का और जौ का दलिया भिगोकर गौ माता की सेवा करने का संकल्प लिया है।
भामाशाह प्रेरक घीसालाल छीपा ने बताया कि इस सेवा कार्य के तहत गौशाला में रहने वाले गोवंश को प्रतिदिन ताजा एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा। मक्का और भीगे हुए जौ का दलिया गायों के लिए अत्यंत लाभदायक माना जाता है, जिससे उनके पाचन तंत्र में सुधार होता है तथा उन्हें पर्याप्त ऊर्जा एवं पोषण प्राप्त होता है।
बनवारी लाल मित्तल ने बताया कि गौ सेवा उनके परिवार की संस्कारों से जुड़ी परंपरा रही है। गायों के प्रति श्रद्धा और सम्मान की भावना से प्रेरित होकर उन्होंने यह सेवा कार्य शुरू किया है। उनका उद्देश्य गौशाला में निवास कर रहे गोवंश को नियमित रूप से पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना और उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में योगदान देना है।
उन्होंने कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस पुण्य कार्य में भागीदारी निभानी चाहिए। इस पहल से गौशाला में रहने वाली गायों को प्रतिदिन ताजा एवं पौष्टिक भोजन मिलेगा, जिससे उनके स्वास्थ्य और देखभाल में सकारात्मक सुधार होगा।
गौशाला प्रबंधन एवं स्थानीय गौभक्तों ने बनवारी लाल मित्तल और आभा मित्तल के इस सेवा भाव की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया। उनके इस योगदान से गौ संरक्षण और गौ सेवा के प्रति लोगों में जागरूकता एवं सहभागिता बढ़ने की उम्मीद जताई गई।