चाड़वास से आए दल ने गुरुदेव से धर्म- दर्शन लाभ लिया
अबूबकर बल्खी
लाडनूं (नवयत्न) । जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य श्री महाश्रमण ने गुरुवार को जैन विश्व भारती सुधर्मा सभा में साधु जीवन की मर्यादा, अनुशासन और मन की पवित्रता का संदेश दिया। गुरुदेव ने अपने प्रवचनों में कहा कि साधु का अपने वेश और मर्यादा में रहना अत्यंत आवश्यक है। साधु को प्रत्येक क्षण यह स्मरण रहना चाहिए कि वह साधु है और उसके प्रत्येक आचरण में साधुत्व की गरिमा झलकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाहरी स्वच्छता के साथ-साथ मन की स्वच्छता अधिक महत्वपूर्ण है। यदि मन निर्मल रहेगा तो जीवन भी श्रेष्ठ दिशा में आगे बढ़ेगा।
इस अवसर पर चाड़वास के समाजसेवी भीकम चंद बेद के नेतृत्व में समाजसेवी पुटिया राजा ने आचार्य श्री महाश्रमण के दर्शन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।
अगस्त में वापी से लाडनूं पहुंचेगा धर्मसंघ
समाजसेवी भीकम चंद बेद ने बताया कि गुरुवार को लाडनूं में आचार्य श्री महाश्रमण से धर्म लाभ प्राप्त किया। अब अगले माह में 9 व 10 अगस्त को वापी से बड़ी संख्या में धर्मसंघ के साथ उनका लाडनूं आगमन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। जिसमें 200 से अधिक लोग शामिल होकर सामुहिक रूप से आचार्य श्री से धर्मलाभ प्राप्त करेंगे। इस बारे में गुरुदेव से चर्चा की गई।
इस मौके पर समाजसेवी पुटीया राजा, भीकमचंद बेद, पवनकुमार बेद चाड़वास, पन्नालाल बैगानी, दिलीप बच्छावत आदि मौजूद रहे।