मलसीसर, खेतड़ी और चिड़ावा अस्पतालों में बनेंगे रामाश्रय वार्ड , बुजुर्गों को अलग ओपीडी में मिलेगा इलाज

अशोक राईका
झुंझुनूं  (नवयत्न)  ।  जिले के बुजुर्ग मरीजों को अब सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए अलग व्यवस्था मिलेगी। रामाश्रय कार्यक्रम के तहत उप जिला अस्पताल मलसीसर, खेतड़ी और चिड़ावा में अलग रामाश्रय वार्ड और ओपीडी क्लीनिक शुरू किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं और संबंधित अस्पतालों को व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि तीनों अस्पतालों के रामाश्रय वार्ड के नोडल अधिकारियों को 31 जुलाई को जिला अस्पताल नवलगढ़ में संचालित रामाश्रय वार्ड का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने वहां वार्ड की कार्यप्रणाली, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, रजिस्टर संधारण, रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग व्यवस्था की जानकारी ली। प्रशिक्षण के बाद अब तीनों अस्पतालों में नवलगढ़ मॉडल के अनुसार रामाश्रय वार्ड शुरू किए जाएंगे। इन वार्डों में बुजुर्ग मरीजों को अलग ओपीडी में डॉक्टर की सलाह, जांच और इलाज की सुविधा मिलेगी। जरूरत पडऩे पर उन्हें भर्ती भी किया जाएगा। इससे वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ओपीडी की भीड़ से राहत मिलेगी और इलाज में आसानी होगी। सीएमएचओ ने बताया कि सभी नोडल अधिकारियों को योजना की नियमित निगरानी करने और समय-समय पर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे रामाश्रय वार्ड

रामाश्रय वार्डों को बुजुर्ग मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक वार्ड में 10 फाउलर बेड होंगे। इनमें पांच पुरुष और पांच महिला मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे। मरीजों की निजता बनाए रखने के लिए हर बेड के बीच परदे लगाए जाएंगे। वहीं आपात स्थिति में तुरंत सहायता के लिए नर्सिंग अलार्म सिस्टम भी रहेगा। वार्ड में महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय होंगे। इनमें ग्रेब-बार लगाए जाएंगे, ताकि बुजुर्गों को उठने-बैठने में परेशानी न हो। इसके अलावा फिजियोथैरेपी की सुविधा भी मिलेगी। कई जरुरी जांच भर्ती मरीजों के बेड पर ही की जा सकेंगी। इससे बुजुर्गों को अस्पताल में भटकना नहीं पडेंगा।

रामाश्रय कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनकी उम्र और जरूरत के अनुसार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मलसीसर, खेतड़ी और चिड़ावा उप जिला अस्पतालों में अलग रामाश्रय वार्ड और ओपीडी शुरू होने से बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज मिलेगा। सभी नोडल अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से व्यवस्था शुरू करने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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