सडक़ हादसों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ लग्जरी-स्लीपर बसों और बाल वाहिनियों पर बड़ी कार्रवाई

अशोक राईका
झुंझुनूं (नवयत्न)। सडक़ हादसों पर अंकुश लगाने और यात्री व स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ लग्जरी व स्लीपर बसों तथा बाल वाहिनियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलने पर कुल 5 वाहन सीज किए गए, जबकि 10 वाहनों पर जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के सदस्य सचिव हरि ओम शर्मा अत्री और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झुंझुनूं अध्यक्ष सुनील कुमार पंचोली के निर्देशानुसार की गई। अभियान का निर्देशन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. महेन्द्र के. सिंह सोलंकी ने किया। निरीक्षण दल में साइबर थाना झुंझुनूं के थानाधिकारी रामखिलाड़ी आरपीएस, परिवहन निरीक्षक सुमित कुमार, परिवहन निरीक्षक रोहिताश कुमार, राजेश कुमार और अनिल कुमार शामिल रहे।
स्लीपर बसों पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान टीम ने लग्जरी और स्लीपर बसों में मोटर वाहन अधिनियम और राज्य सरकार की एसओपी के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच की। नियमों का उल्लंघन मिलने पर 3 स्लीपर बसों को मौके पर ही सीज किया गया, जबकि अनियमितताएं मिलने पर 6 स्लीपर बसों पर जुर्माना लगाया गया।
टीम ने बसों की गति, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों की जांच की। अधिकारियों ने वाहन संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जब्त बसों के यात्रियों को दूसरी बसों से भेजा
कार्रवाई के दौरान बसों को सीज किए जाने के बाद उनमें सवार यात्रियों को परेशानी न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा गया। प्राधिकरण सचिव डॉ. महेन्द्र के. सिंह सोलंकी के निर्देश पर जब्त बसों के यात्रियों को अन्य बसों में सुरक्षित रूप से बैठाकर उनके गंतव्य स्थानों तक भेजा गया। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी बस में यात्रा करने से पहले बस और उसके संचालन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त कर लें। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली बसों में यात्रा करने से बचें।
‘चालान काटना उद्देश्य नहीं, जान बचाना है’
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डॉ. महेन्द्र के. सिंह सोलंकी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं है, बल्कि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों के जीवन को सुरक्षित बनाना है।
उन्होंने कहा कि अनियंत्रित गति, ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर गंभीर सडक़ हादसों का कारण बनती है। ऐसे मामलों में वाहन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर भी सख्ती
अभियान के दौरान स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाली बाल वाहिनियों की भी गहन जांच की गई। जांच में सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली 2 बाल वाहिनियों को सीज किया गया, जबकि 4 बाल वाहिनियों पर जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधकों और वाहन चालकों को निर्देश दिए कि बाल वाहिनियों में निर्धारित सुरक्षा मानकों की पूरी तरह पालना सुनिश्चित करें। बच्चों की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्राधिकरण सचिव ने वाहन चालकों और स्कूल संचालकों को सख्त हिदायत दी कि वे यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों का पूरी निष्ठा से पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन और स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वाले वाहन संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा। सडक़ दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए इस तरह के निरीक्षण और कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रखने की बात कही गई।

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