राम ने इंद्र से रथ नहीं, केवट से नाव मांगी और उसे महत्व दिया – पं. सुरोलिया

निसं मुकुंदगढ़ (नवयत्न)। भगवान श्रीराम ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को भी महत्व दिया और उसे मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश दिया। उन्होंने इंद्र से रथ नहीं मांगा, बल्कि गंगा पार जाने के लिए केवट से नाव मांगी और उसे विशेष महत्व दिया। यह…