आखिर बने बच्चों के आधार कार्ड, मिली सरकारी अस्पताल से टीबी की दवाई
अमित प्रजापत
सुजानगढ़ (नवयत्न) । निकटवर्ती गांव बड़ाबर में दो बच्चों के टीबी से पीड़ित होने व उनको दस्तावेजों के अभाव में दवाई नहीं मिलने के मामले में मीडिया में खबरें आने के बाद बच्चों को बड़ी राहत मिली है। मामले में समाज कल्याण अधिकारी बाबूलाल मायल ने बताया कि बच्चों के आधार कार्ड प्रोसेस कर दिए गए हैं, जो दो तीन दिन में अप्रूव होकर बन जायेंगे। इसी प्रकार दोनों बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बन गए हैं। साथ ही दोनों बच्चों के माता-पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र भी प्रोसेस कर दिए गए हैं। समाज कल्याण अधिकारी बाबूलाल ने बताया कि जल्दी ही बच्चों को पालनहार योजना से जोड़ने का काम भी पूर्ण कर दिया जायेगा, ताकि सरकारी योजनाओं का बच्चों को सीधा फायदा मिल सके। दूसरी ओर बच्चों के बैंक खाता खुलवाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। जिससे हो सकता है कि टीबी के ईलाज के दौरान मिलने वाली सरकारी सहायता राशि बच्चों तक पहुंचने में देरी हो। क्योंकि बच्चों के माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी सभी का देहांत हो चुका है, इसलिए संरक्षणकर्ता का प्रमाण पत्र न्यायालय से मिलने पर ही खाता खुलना संभव लगता है। इसलिए बच्चों का बैंक खाता खुलने में देरी हो सकती है। वहीं भाजपा नेता हंसराज नायक ने बताया कि सरकारी अस्पताल में जांच करवाकर बच्चों को दवाई दिलवाई गई है। एक्स रे आदि हुए हैं। चूरू से चिकित्सक डॉ. वेदप्रकाश भी अस्पताल पहुंचे और बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। दूसरी ओर बच्चों को बगड़िया अस्पताल से दवाई मुहैया करवाई गई है। कुछ लोगों और ग्रामीण जनों द्वारा भी परिवार की मदद की गई है।