स्वच्छता से बदली पार्क की तस्वीर, श्रमदान से खिला सार्वजनिक स्थल
श्रीराम तिवाड़ी
नोखा (नवयत्न) । हर सप्ताह कुछ समय राष्ट्र के नाम” के संकल्प के साथ हॉर फॉर नेशन टीम द्वारा रविवार को कलेक्टर कार्यालय के सामने स्थित पब्लिक पार्क में स्वच्छता अभियान चलाया गया। पिछले रविवार को जहां सफाई का कार्य अधूरा रह गया था, टीम के सदस्य आज सुबह निर्धारित समय पर पहुंचकर उसी कार्य को आगे बढ़ाते हुए पूरे उत्साह और सामूहिक श्रमदान के साथ जुट गए। पार्क में विशेष रूप से फव्वारे की सफाई की गई। फव्वारे में जमा गंदगी, सूखे एवं मृत पेड़-पौधों तथा खड़े-खड़े जमा कचरे को हटाया गया। सफाई के दौरान कुछ सदस्यों ने पानी में उतरकर भी श्रमदान किया और फव्वारे को साफ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पार्क के विभिन्न हिस्सों में झाड़ियां एवं अन्य अवांछित वनस्पति हटाकर क्षेत्र को व्यवस्थित किया गया। सफाई अभियान के बाद पार्क की तस्वीर में स्पष्ट बदलाव दिखाई दिया। जो स्थान पहले उपेक्षित और गंदगी से भरा नजर आ रहा था, वह अब काफी साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखाई देने लगा। टीम का मानना है कि सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अभियान के दौरान जीएसटी विभाग से सुदेश कुमार ने पहली बार टीम के साथ जुड़कर श्रमदान किया। टीम ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि हॉर फॉर नेशन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी से जोड़ना है। अभियान में डॉ. फ़ारूक़, भवानी सिंह राजपुरोहित, मनोज सोनी, रमेश उपाध्याय, डॉ. बृजेन्द्र त्रिपाठी, किशोर भाटिया, गुरमोहन सेठी, सुमित मीढ़ा, अरुण चम, इन्द्र सिंह, सुशील यादव, देवकिशन तंवर, डॉ. विशाल मलिक, शक्ति सिंह शेरुणा, माणक व्यास, सुदेश कुमार, पुरुषोत्तम शर्मा, चंद्रकला उपाध्याय, कपिला शर्मा, सुरभि शर्मा, यशस्वी पाराशर, वंदना शर्मा, सीए सुधीश शर्मा एवं सीए वसीम रजा सहित टीम के सदस्यों ने सक्रिय श्रमदान किया।
हॉर फॉर नेशन वर्ष 2016 से प्रत्येक सप्ताह स्वच्छता अभियान के माध्यम से नागरिकों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। अभियान की मूल भावना है—शिकायत नहीं, सहयोग”। बिना किसी राजनीतिक प्रभाव या आर्थिक सहयोग के सामूहिक श्रमदान के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर बनाने की यह पहल निरंतर जारी है।
संदेश स्पष्ट है—सफाई केवल देखने का विषय नहीं, करने का संकल्प है। जब हम मिलकर श्रमदान करते हैं, तो बदलाव दिखाई भी देता है और महसूस भी होता है।आज की सफाई के बाद पार्क और फव्वारे की तस्वीर में स्पष्ट बदलाव दिखाई दिया। जो स्थान पहले उपेक्षित और गंदगी से भरा नजर आ रहा था, वह अब काफी साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखाई देने लगा।