झूठा हत्या का मुकदमा दर्ज कराने वाला परिवादी दोषी करार
निसं
पाटन (नवयत्न) | थाना पाटन में वर्ष 2022 में हत्या, अपहरण व मारपीट का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले परिवादी को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी को एक वर्ष की अवधि के लिए 10 हजार रुपए के निजी बंधपत्र एवं समान राशि की प्रतिभूति प्रस्तुत करने, भविष्य में इस प्रकार का अपराध नहीं करने तथा 1500 रुपए अभियोजन व्यय जमा कराने के आदेश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2022 में परिवादी विवेक पुत्र सुरेशचंद निवासी रायपुर, थाना पाटन ने निकिता देवी सहित अन्य लोगों के खिलाफ अपने भाई कमल किशोर के अपहरण कर हत्या करने का मामला दर्ज कराया था। इस पर थाना पाटन में धारा 302, 323, 341, 364 एवं 120-बी के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को मामला पूरी तरह झूठा मिला। इसके बाद प्रकरण में अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में पेश की गई। साथ ही झूठा मुकदमा दर्ज कर पुलिस और न्यायालय का समय बर्बाद करने के आरोप में परिवादी विवेक के खिलाफ बीएनएस की धारा 217/248 के तहत इस्तगासा तैयार कर न्यायालय में पेश किया गया।
प्रकरण की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट, नीमकाथाना ने मंगलवार को विवेक को दोषी करार देते हुए एक वर्ष की अवधि के लिए 10 हजार रुपए के निजी बंधपत्र एवं समान राशि की प्रतिभूति प्रस्तुत करने, भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति नहीं करने तथा 1500 रुपए अभियोजन व्यय जमा कराने के आदेश दिए।
झूठे मुकदमों पर सख्ती
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत थाना पाटन पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि झूठे मुकदमे दर्ज कर न्यायालय एवं पुलिस का समय बर्बाद करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।