जर्जर पेयजल टंकी बनी बड़े हादसे का कारण, ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन

विजेंद्र सिंह लमोरिया
चिड़ावा (नवयत्न) । अडूका क्षेत्र में सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। ग्राम पंचायत अडूका में करीब 38 वर्ष पुरानी सार्वजनिक पेयजल की टंकी पूरी तरह से जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है, जिसके चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हालात यह हैं कि टंकी के मुख्य पिलर, अन्य बीम, सीढ़ियां और ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और जगह-जगह से सीमेंट उखड़ने के साथ लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। इस गंभीर खतरे को भांपते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने जर्जर टंकी के पास इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
घनी आबादी के बीच बनी है टंकी –
ग्रामीणों ने बताया कि यह विशाल पेयजल टंकी वर्ष 1988 में बनाई गई थी, जिसे अब लगभग 38 वर्ष बीत चुके हैं। समय के साथ रख-रखाव के अभाव में यह पूरी तरह नाकारा हो गई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस टंकी के चारों तरफ घनी आबादी और रिहायशी मकान बसे हुए हैं। दिनभर यहां लोगों और बच्चों का आना-जाना रहता है। ऐसे में यदि यह टंकी अचानक ढहती है, तो क्षेत्र में भारी जनहानि हो सकती है।
ग्रामीणों ने की नई टंकी बनवाने की मांग-
बड़े हादसे की आशंका से सहमे ग्रामीणों ने सरकार और जिम्मेदार आला अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस जर्जर टंकी को जल्द से जल्द गिराया जाए और इसकी जगह पर नई पेयजल टंकी का निर्माण करवाया जाए ताकि भविष्य में किसी भी अनहोनी या जनहानि से बचा जा सके।
इस विरोध प्रदर्शन और रोष व्यक्त करने वालों में डॉ. नरेंद्र सिंह, प्रताप सिंह, मनोज स्वामी, भवानी सिंह, पप्पू कुमार, फेनी सिंह, राधेश्याम, बुद्धराम गुर्जर, काशु सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

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