215 बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित

श्रीराम तिवाड़ी
नोखा (नवयत्न)। महावीर इंटरनेशनल नोखा केंद्र एवं जनसेविका सरोज मरोठी के सहयोग से महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, बिरमसर में सेवा एवं शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक अध्ययनरत 215 बच्चों को स्कूल बैग सहित विभिन्न शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। बच्चों को स्कूल बैग, कॉपियां, ड्राइंग बुक, अक्षर एवं चित्र ज्ञान पुस्तकें, पेंसिल, ज्योमेट्री बॉक्स, पानी की बोतल सहित आवश्यक शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई। सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम का शुभारंभ महावीर इंटरनेशनल प्रार्थना एवं सरस्वती वंदना से हुआ। इस अवसर पर महावीर इंटरनेशनल नोखा केंद्र के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार हीरावत ने संस्था एवं केंद्र द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों तथा विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। केंद्र उपाध्यक्ष अनिल कुमार जैन ने कहा कि यदि हमारे पास आवश्यकता से अधिक संसाधन हैं तो समाज में जरूरतमंद व्यक्ति अथवा परिवार की सहायता कर उसे संबल प्रदान करना ही मानव धर्म है। महावीर इंटरनेशनल इसी मानव धर्म का पालन करते हुए बच्चों के शैक्षिक उन्नयन के लिए निरंतर सहयोग कर रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रामदयाल विश्नोई ने महावीर इंटरनेशनल के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी सामाजिक संस्था का प्रमुख उद्देश्य समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता करना होता है। महावीर इंटरनेशनल नोखा केंद्र इसी भावना के साथ निरंतर समाजसेवा के कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में महावीर इंटरनेशनल के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्रसिंह राठौड़, केंद्र सचिव बाबूलाल कांकरिया, ईश्वरचन्द दूगड़, भंवरलाल पींचा, मोहनलाल पारख, सिकरचंद पींचा, भंवरलाल छींपा, अनवर अली निर्वाण, शारदादेवी दूगड़, अंजू हीरावत, मानसी पारख, परमेश्वरलाल भादू, भींयाराम खत्री, जोगाराम एवं गोपाललाल शर्मा सहित संस्था के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान ग्रामवासी नारायण सिंह मांगलिया, दुलाराम गोदारा, ईश्वरराम गोदारा एवं राजाराम गोदारा सहित विद्यालय का स्टाफ एवं ग्रामीण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप प्रधानाचार्य ओमप्रकाश विश्नोई ने महावीर इंटरनेशनल एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन कुलदीप सारस्वत एवं ममता चौधरी ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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