शेखावाटी की सांस्कृतिक विरासत की अनदेखी उचित नहीं : बृजेन्द्र सिंह ओला
जयशंकर जांगिड़
झुंझुनू (नवयत्न) । सांसद श्री बृजेन्द्र सिंह ओला ने लोकसभा में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से शेखावाटी के सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन का मुद्दा लोकसभा में उठाया।
सांसद ने कहा कि मेरे प्रश्न के जवाब में भारत सरकार का जवाब अत्यंत निराशाजनक है। सरकार ने अपने उत्तर में स्पष्ट कर दिया है कि शेखावाटी विरासत, सांस्कृतिक विरासत, कला आदि के संरक्षण के लिए शेखावाटी क्षेत्र के लिए कोई अलग योजना, विशेष वित्तीय सहायता अथवा नई पहल सरकार के विचाराधीन नहीं है।
सांसद ने कहा कि शेखावाटी अपनी विश्वविख्यात भित्तिचित्रों , भव्य हवेलियों, ऐतिहासिक किलों, मंदिरों, लोककला, लोकसंगीत और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के कारण देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। यह विरासत केवल राजस्थान की धरोहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसलिए सांसद ओला ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि शेखावाटी क्षेत्र के लिए विशेष सांस्कृतिक संरक्षण, विरासत भवनों के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन के लिए पर्याप्त कदम उठाने चाहिए, नियमित सांस्कृतिक महोत्सव शेखावाटी में ही आयोजित किए जाएँ, स्थानीय कलाकारों एवं लोककलाओं को प्रोत्साहन देने हेतु विशेष योजनाएँ प्रारंभ की जाएँ तथा शेखावाटी की कला, संस्कृति और पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए भी समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते शेखावाटी की अमूल्य विरासत के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियाँ देश की इस अनमोल सांस्कृतिक धरोहर से वंचित हो सकती हैं। इसलिए केंद्र सरकार को इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।