अवैध रूप से गांजा रखने के दो आरोपियो को कठोर कारावास एवं जुर्माना
संजय सोनी
झुंझुनू (नवयत्न) । झुंझुनू के स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम मामलो के विशिष्ट न्यायाधीश (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) सुनिल कुमार पंचोली द्वारा बुधवार को दिये निर्णय में अपने कब्जे में अवैध रूप से सात किलो 300 ग्राम गांंजा मय बारदान रखने के दो आरोपियों क्रमश: भूपेन्द्र स्वामी उर्फ चिपेश पुत्र ग्यारसीलाल निवासी वार्ड नम्बर 3 जाटावास बगड़ पुलिस थाना बगड़ व धर्मवीर उर्फ रामधन पुत्र सुभाषचंद्र निवासी वार्ड नम्बर 3 इस्लामपुर पुलिस थाना बगड़ को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं 30-30 हजार रूपये जुर्माने से दण्डित किया है। जुर्माना अदा नही करने पर दोनो आरोपियों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास और भुगतना होगा। मामले के अनुसार 16 अक्टूबर 2023 को बगड़ थाने के तत्कालीन थानाधिकारी रामनारायण द्वारा विधानसभा चुनाव 2023 को मध्य नजर रखते हुये बगड़ बाईपास रोड़ पर जयपहाड़ी चौराहे के निकट सायं को नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनो व व्यक्तियों को चैक कर रहे थे तो नाकाबंदी के दौरान रात्री 8:50 बजे झुंझुनूं की तरफ से एक स्वीफ्ट कार आरजे 18 सीडी 3495 आई जिसे रूकवाया किन्तु पुलिस जाप्ता को देखकर चालक गाड़ी को घुमाकर भगाने की कोशिश की जिसे रूकवाया गया तो कार में दो व्यक्ति बैठे मिले तथा दोनो व्यक्तियों के बीच में गियर के पास एक प्लास्टिक का कट्टा पड़ा दिखाई दिया। पुलिस ने पूर्ण रूप से विधिक कार्यवाही करते हुये उक्त कार की तलाशी ली व वाहन को चैक किया तो वाहन में सवार दो जनो के मध्य मिले प्लास्टिक कट्टे में मादक पदार्थ गांजा मिला जिसका कुल वजन 7 किलो 300 ग्राम हुआ। पुलिस ने कार में सवार लोगो से गांजे को परिवहन करने के सम्बन्ध में लाईसेंस व परमिट मांगा तो उन्होंने अपने पास कोई लाईसेंस व परमिट नही होना बताया। इस पर पुलिस ने विधिक कार्यवाही करते हुये भूपेन्द्र स्वामी उर्फ चिपेश व धर्मवीर उर्फ रामधन को गिरफ्तार कर लिया व बरामद गांजे को तथा कार को जप्त कर लिया व बाद जांच दोनो आरोपियों भूपेन्द्र स्वामी उर्फ चिपेश व धर्मवीर उर्फ रामधन के विरूद्ध सम्बन्धित न्यायालय में चालान पेश कर दिया। राज्य सरकार की और से पैरवी कर रहे विशिष्ठ लोक अभियोजक रामावतार ढ़ाका ने इस मामले में 12 गवाहान के बयान करवाये तथा 64 दस्तावेज प्रदर्शित करवाते हुये न्यायालय में तर्क दिया कि नशे की बढ़ती प्रवृति को देखते हुये आरोपीगण को सख्त से सख्त सजा दी जाये। न्यायाधीश ने पत्रावली पर आई साक्ष्य का बारिकी से विश£ेषण करते हुये आरोपीगण को उक्त सजा व जुर्माना के साथ-साथ न्यायालय ने इस मामले में प्रयुक्त जप्तशुदा स्वीफ्ट कार आरजे 18 सीडी 3495 को अधिहरण किये जाने का भी आदेश दिया तथा यह भी आदेश दिया कि अपील की मियाद गुजरने के बाद अथवा अपील नही होने की सूरत में नियमानुसार इस कार को निलाम कर राशि राजकोष में जमा करायी जाये।