सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन

निसं 

खेतड़ी (नवयत्न)। खेतड़ी उपखंड के धीरजपुरा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने हवन यज्ञ में आहुतियां देकर खुशहाली की कामना की। कथा के अंतिम भव्य झांकियां सजाई गई। कथा वाचक आचार्या देवी कृष्ण नंदिनी ने विस्तार से सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, 24 गुरुओं की कथा व कलयुग का वर्णन प्रसंगो की कथाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृष्ण सुदामा की मित्रता, विश्व में पवित्र मित्रता की एक मिसाल है। इस दौरान व्यास पीठ का पूजन

मुख्य यजमान हरीद्वारी लाल शर्मा व विधा देवी ने पूजा संपन्न करवाई। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर मन को शुद्ध करना चाहिए। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को गौ माता की सेवा करने से पुण्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा सबसे बड़ा धर्म माना गया है। शास्त्रों के अनुसार गाय का दान करना भी मनुष्य जीवन में अति महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को जीव जंतुओं की रक्षा के लिए आगे आकर कार्य करने चाहिए। मनुष्य की पवित्र आत्मा एवं धार्मिक अनुष्ठानों से भगवान की दृष्टि को पाया जा सकता है। मनुष्य को अपने जीवन में शुद्ध एवं सहकारी होना चाहिए, ताकि ईश्वर अपनी कृपा अपने भक्तों पर बनाकर रख सकें। हिंदू धर्म में देवी-दवताओं पूजन मात्र से ही दया दृष्टि को हासिल किया जा सकता है। समापन कार्यक्रम में श्रीकृष्ण -सुदामा की जीवंत झांकी सजाई गई। वहीं आयोजित भंडारे में सैकड़ो लोगों ने पंगत प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर आयोजित हवन की पूर्णाहुति में पवन कुमार कौशिक, बाबू सिंह, ताराचंद शर्मा, निर्मल कुमार, नीलेश शर्मा, वेदप्रकाश शर्मा, नारायण लाल शर्मा, प्यारेलाल शर्मा, पप्पू शर्मा, संत कुमार शर्मा सहित दर्जनों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

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