अपने जीवन को सुरक्षित रखें, यह अनमोल है – बुद्धिप्रकाश, यातायात प्रभारी
जयशंकर जांगिड़
झुंझुनू (नवयत्न) । शहर के गौरव पथ पर स्थित एस एस मोदी विद्या विहार में ट्रैफिक इंचार्ज बुद्धिप्रकाश द्वारा सड़क दुर्घटनाओं से बचाव एवं यातायात नियमों पर एक जागरूकता अभियान के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा 9 से 12 के सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भाग लिया।
विद्यालय समन्वयक मनीष अग्रवाल व प्राचार्य विजय मसीह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथि महोदय का स्वागत किया और बच्चों से उनका परिचय करवाया गया।
बुद्धिप्रकाश ने अपने उद्बोधन में बच्चों को सड़क पर हमेशा यातायात के नियमों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष दो लाख से अधिक लोग अपनी जान गवाँ देते हैं और लाखों लोग घायल हो जाते हैं। उन्होंने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, सड़क पार करते समय जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करने तथा सीमित गति से वाहन चलाने जैसी उपयोगी बातें उदाहरण सहित समझाईं। उन्होंने बताया कि हेलमेट की गुणवत्ता भी अच्छी अर्थात ISI मार्क वाली होनी चाहिए तथा उसे सही तरीके से पहनना भी आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को दुपहिया वाहन, साइकिल चलाते समय अथवा पैदल चलते समय रखी जाने वाली सावधानियों से भी परिचित करवाया। यह व्याख्यान सभी के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। बच्चों ने अपने जीवन को सुरक्षित रखने तथा दूसरों को भी सुरक्षा नियमों पर चलने की प्रेरणा ली।
आज इसी शृंखला में महावीर अस्पताल, झुंझुनूं की ओर से चलाए जा रहे एक जागरूकता कार्यक्रम के तहत डॉ. योगेश एवं डॉ. पल्लवी ने बताया कि जल जाने या हार्ट अटैक की संभावना होने पर हमें कौन-सा प्राथमिक उपचार करना चाहिए। डॉ. योगेश ने बच्चों को जलने के कई कारण व उनसे बचाव कैसे किया जाए, बताया। छोटे बच्चों को बिजली के उपकरणों से गर्म चीजों से दूर रखना चाहिए।
डॉ. पल्लवी ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने के लक्षण क्या होते हैं तथा किसी व्यक्ति की साँस या हृदय की धड़कन रुक जाने पर समय रहते सही तरीके से सी.पी.आर. देने से उसकी जान बचाई जा सकती है। यह जानकारी डॉक्टर ने प्रदर्शन करके बच्चों को दी और बाद में उनसे भी करवाया।
विद्यालय समन्वयक ने महावीर हॉस्पिटल की टीम को महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और बच्चों को अपनी व अपने परिवार के लोगों की सेहत अच्छी रखने की बात कही।
तीसरी कड़ी में आज विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चल रही एक मुहिम के तहत आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को कानूनी जानकारी दी गई।
जिला न्याय अध्यक्ष एडीजेएम डाॅ. महेन्द्र सिंह सोलंकी ने बच्चों को नशे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि एक बार यदि लत लग जाए तो उसे छुड़ाना मुश्किल हो जाता है। अच्छे दोस्त बनाएं, समझदार व्यक्तियों से दोस्ती करें। यदि युवा पीढ़ी नशे में पड़ गई तो देश का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने बच्चों के इस भ्रम को भी दूर किया कि न्याय का ताला सोने की कुंजी से ही खुलता है। न्याय अमीर-गरीब को देखकर नहीं किया जाता है। सभी न्याय पाने के अधिकारी हैं। जिन व्यक्तियों की आय तीन लाख रुपये से कम है, सरकार ऐसे लोगों को न्याय दिलाने के लिए स्वयं वकील उपलब्ध करवाती है। एडीजेएम सोलंकी ने बच्चों को जिला स्तर पर ड.ल.सा (DALSA)] राज्य स्तर पर रा.ल.सा. (RALSA) व राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च संस्था ना.ल.सा (NALSA) के बारे में भी बताया। जो समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता और लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान प्रदान करती हैं।
बच्चों को अपना लक्ष्य निर्धारित करके सही पढ़ने की सीख दी और बुरी संगति से बचने का सुझाव दिया। यदि हम सही रास्ते पर चलेंगे तो उन्नति के रास्ते स्वयं ही खुल जाएंगे।
इस अवसर पर महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए विद्यालय समन्वयक ने आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन अनिल शर्मा ने किया।
मुम्बई प्रवासी ट्रस्टी शशिकांत मोदी, गीलूराम मोदी, सौरभ मोदी, प्रियंक मोदी व कनिका मोदी ने जागरूकता सत्रों के सफल समापन पर शुभकामनाएँ प्रेषित की।